नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश भर में प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई (पीएम-सेतु) योजना को लागू करने की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही उद्योगों की साझेदारी से औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के आधुनिकीकरण के लिए 1,237.58 करोड़ रुपए की रणनीतिक निवेश योजनाओं (एसआईपी) को भी स्वीकृति दी गई है। यह जानकारी मंगलवार को कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) ने दी।
समिति ने योजना को पायलट चरण से आगे बढ़ाकर देश भर में लागू करने की मंजूरी दी। इसके तहत देश भर के 200 चिन्हित आईटीआई क्लस्टरों में यह योजना लागू की जाएगी। राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपनी उद्योग तैयारियों और कार्यान्वयन क्षमता के आधार पर इस योजना को लागू कर सकेंगे।
मंत्रालय ने बताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाने, उद्योगों की भागीदारी बढ़ाने, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) को अधिक शामिल करने और संस्थागत ढांचे को मजबूत करने जैसे कई महत्वपूर्ण कदमों को भी मंजूरी दी गई है।
बैठक में सबसे महत्वपूर्ण फैसला 1,237.58 करोड़ रुपए के पांच रणनीतिक निवेश प्रस्तावों को मंजूरी देना रहा। इन परियोजनाओं में ओडिशा, गुजरात और तेलंगाना के आईटीआई क्लस्टरों को प्रमुख उद्योग साझेदारों के सहयोग से आधुनिक बनाया जाएगा।
ओडिशा में सरकारी आईटीआई बारबिल क्लस्टर के लिए एक कंपनी को एंकर इंडस्ट्री पार्टनर चुना गया है, जहां 240.21 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा।
गुजरात में सरकारी आईटीआई सूरत क्लस्टर के लिए एक एकीकृत फ्लैट कार्बन स्टील निर्माता कंपनी 240.18 करोड़ रुपए का निवेश करेगी।
वहीं तेलंगाना के तीन आईटीआई क्लस्टरों को भी मंजूरी मिली है।
सरकारी आईटीआई ओल्ड सिटी क्लस्टर में स्वास्थ्य शिक्षा एवं प्रशिक्षण क्षेत्र की एक संस्था 241.01 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। सरकारी आईटीआई पटानचेरू क्लस्टर के लिए एक अन्य कंपनी 275.24 करोड़ रुपए का निवेश करेगी, जबकि सरकारी आईटीआई संगारेड्डी क्लस्टर को 240.94 करोड़ रुपए के निवेश से विकसित किया जाएगा।
मंत्रालय के अनुसार, इन रणनीतिक निवेश योजनाओं की सिफारिश संबंधित राज्यों की संचालन समितियों ने की थी, जिनका उद्देश्य आईटीआई की आधारभूत संरचना को आधुनिक बनाना, उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप नए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करना और प्रशिक्षण संस्थानों तथा उद्योगों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
सरकार ने बताया कि पीएम-सेतु केंद्र सरकार की प्रमुख कौशल विकास योजनाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य देश के आईटीआई नेटवर्क को आधुनिक बनाना, अत्याधुनिक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना, भविष्य की जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करना, उद्योगों के साथ साझेदारी मजबूत करना और छात्रों के लिए बेहतर रोजगार के अवसर सुनिश्चित करना है।
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