मधुुबनी ! जिला मुख्यालय सहित सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचंड गर्मी में पेयजल की संकट से जूझ रहे लोगों की समस्या के निदान को कोई पुख्ता इंतजाम नहीं दिख रहा है। गुरुवार को जिला मुख्यालय स्थित महंथी लाल चौक स्थित राम- जानकी मंदिर परिसर में खराब पड़े चापाकलों की मरम्मति को पंडित फुलकांत ने जिला प्रशासन व वार्ड पार्षद की ध्यान इस ओर इंगित किया है।
राम- जानकी मंदिर परिसर में श्रद्धालु भक्तों के लिए तीन चापाकल लगाया गया।परन्तु मरम्मति के अभाव में तीनो चापाकल खराब पड़े हैं। जबकि मंदिर परिसर का प्राचीन कुआं का पानी सुखकर नीचे चला गया है ।कुंआ का पानी भी काफी गंदा हो चुका है।वर्तमान में ध्वस्त पड़े कुंआ का गंदा पानी निकालने योग्य नहीं है।खराब स्थिति में पड़ा हुआ कुंआ को जल जीवन हरियाली योजना के तहत उराही में यहां कोई पहल नहीं किया गया।इस विशिष्ट अति प्राचीन राम- जानकी मंदिर परिसर प्रत्येक दिन सुबह से ही श्रद्धालु भक्तों की भीड़ लगती है।
राम जानकी मंदिर के मुख्य पुजारी पं फुलकान्त ने बताया कि यहां प्रत्येक दिन पहुंचने वाले श्रद्धालु भक्तों को हाथ पैर धोने में भी परेशानी है ।वार्ड पार्षद से लेकर जिला प्रशासन तक में चापाकल की व्यवस्था व सुदृढ पेयजल के लिए दिया गया आवेदन पर विचार नहीं किया गया।यहां पीएचईडी मंत्री रामप्रीत पासवान के गृह जिला मुख्यालय में राम- जानकी मंदिर परिसर में चापाकल का खराब होना असहज बताया गया।स्थानीय लोगों ने बताया अचरज भरी निगाहों हम लोग मंदिर परिसर में पानी की किल्लत को देखते हैं?
मंदिर में नियमित पूजा-पाठ करने वाले श्रद्धालु भक्तों शम्भू कारक,नवीन कारक,अरूण कारक,गोपाल राउत,ओम कारक आदि ने बताया कि पानी के अभाव में मंदिर परिसर में पैर- हाथ धोना भी कठिन है। प्राचीन राम- जानकी मंदिर के परिसर में प्रत्येक दिन काफी भीड़ लगती। राम -जानकी के दरबार में संध्या में भजन-कीर्तन को श्रद्धालु भक्तों की भीड़ रहती है। परंतु यहां पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है। इसी प्रकार मुख्यालय के नगर परिषद इलाके में चापाकल की व्यवस्था नहीं रहने से लोग परेशान हो रहे हैं। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा जिला प्रशासन को पिछले दिन चापाकल मरम्मति के लिए दल गठित करने की सूचना दी गई। करीब चार हजार चापाकल मरम्मत की जानकारी प्रशासन सार्वजनिक की। परिणाम ढाक के पात साबित हुए।
बताया गया कि पीएचडी मंत्री रामप्रीत पासवान राजनगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं।बताया गया कि जिला मुख्यालय के कई ऐसे इलाके हैं जहां पेयजल की सुदृढ व्यवस्था नहीं है। किसी भी प्रकार की जलाशय योजनाओं की परिचालन यहां नहीं किया गया है। मुख्यालय में विभिन्न कालोनी में नल योजना ठप पड़े हैं।प्रचंड गर्मी में चहुंओर पानी के लिए मुख्यालय में हाहाकार मचा हुआ है। जिला प्रशासन जिला में चापाकल मरम्मति सुनिश्चित की दावा करती। परन्तु पीएचईडी मंत्री रामप्रीत के गृह जिला मुख्यालय में राम लला का दरबार ही पेयजल संकट से जूझ रहा है। बताया गया कि नगर राजद विधायक समीर कुमार महासेठ भी इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं किया है।
मंत्री रामप्रीत के गृह जिला मुख्यालय में राम-जानकी दरबार में पानी की किल्लत
Jul 14 2022 5:24PM
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