कोटा। राजस्थान विद्युत कर्मचारी संघ ने कारखाना व बॉयलर के उप मुख्य निरीक्षक को पत्र भेजकर कोटा सुपर थर्मल पावर स्टेशन में एक संवेदक कंपनी द्वारा श्रम प्रावधानों का खुला उल्लंघन कर ठेका श्रमिकों का शोषण करने के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रामसिंह शेखावत ने बताया कि कोटा सुपर थर्मल के कोल हैंडलिंग प्लांट के सम्पूर्ण कार्य संचालन का ठेका मार्च, 2025 से कोलकाता की संवेदक कंपनी अल्का लॉजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड को सौंप दिया गया है। संविदा शर्तों के अनुसार, 400 ठेका श्रमिकों से प्लांट की निर्धारित लोकेशन पर 8-8 घंटे की तीन पारियों में कानूनी प्रावधानों के तहत कार्य करवाना था।
शेखावत ने आरोप लगाया कि उक्त संवेदक कंपनी एवं सीएचपी के अधीक्षण अभियंता की मिलीभगत से कोल हैंडलिंग प्लांट का संचालन मार्च माह से 400 ठेका श्रमिकों से करवाने की बजाया मात्र 165 श्रमिकों से करवाया जा रहा है। इनमें से अधिकांश ठेका श्रमिक तीन शिफ्टों में कार्य करने की बजाय 12-12 घंटे की दो शिफ्टों में कार्य कर रहे हैं, जो श्रम कानूनों का खुला उल्लंघन है।
निविदा शर्तों के अनुसार, ठेका श्रमिकों को वेतन पर्ची देना, श्रमिकों को नियुक्ति पत्र देना, नियमानुसार, साप्ताहिक अवकाश देने, राष्ट्रीय पर्व व त्यौहार पर अवकाश देना, अवकाश के दिन कार्य करने पर ओवरटाइम देना, वेतन से पीएफ राशि की कटौती करने, श्रमिक के पद व कार्य के अनुसार वेतन देने, जनवरी, 2024 से हुई वेतनवृद्धि का एरियर देना सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाना आदि का पालन नहीं किया जा रहा है। श्रमिकों से 8-8 घंटे तीन शिफ्टों के स्थान पर 12-12 घंटे की दो शिफ्टों में कार्य करवाना एग्रीमेंट की शर्तों का सरासर उल्लंघन है।
निर्धारित मापदंडों से ठेका श्रमिक कम
कोल हैंडलिंग प्लांट संचालन के लिये हुये करार के अनुसार उच्च कुशल ऑपरेटर 46 के स्थान पर 36 कुशल सुपरवाइजर 36 के स्थान पर 24, अर्द्ध कुशल हेल्पर 81 के स्थान पर शून्य, अकुशल मजदूर 225 के स्थान पर 105 की कार्य कर रहे हैं। इस तरह कुल 388 ठेका श्रमिकों की नियुक्ति के स्थान पर 165 श्रमिक ही कार्य कर रहे हैं। सीएचपी के वेगन ट्रिपलर पर पांच, क्रेशर साइट व बंकर साइट पर 6-6 सुपरवाइजर 12-12 घंटे की शिफ्ट में काम कर रहे हैं, जो नियमविरूद्ध हैं। इन तीनों लोकेशनों में वेगन ट्रिपलर पर 27, क्रेशर साइट पर 14 व बंकर साइट पर 21मजदूर 12-12 घंटे काम कर रहे हैं।
संघ ने बॉयलर के मुख्य उप निरीक्षक से मांग की कि कोटा थर्मल के फैक्टी मैनेजर एवं संवेदक कंपनी अल्का लॉजिस्टिक प्रा.लि के खिलाफ कारखाना अधिनियम की शर्तों का उल्लंघन करने पर उचित कार्रवाई की जाये एवं कोयले की धूल में कार्यरत ठेका श्रमिकों को कानूनी सुविधाओं के हित लाभ दिये जायें।
कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रामसिंह शेखावत ने बताया कि कोटा सुपर थर्मल के कोल हैंडलिंग प्लांट के सम्पूर्ण कार्य संचालन का ठेका मार्च, 2025 से कोलकाता की संवेदक कंपनी अल्का लॉजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड को सौंप दिया गया है। संविदा शर्तों के अनुसार, 400 ठेका श्रमिकों से प्लांट की निर्धारित लोकेशन पर 8-8 घंटे की तीन पारियों में कानूनी प्रावधानों के तहत कार्य करवाना था।
शेखावत ने आरोप लगाया कि उक्त संवेदक कंपनी एवं सीएचपी के अधीक्षण अभियंता की मिलीभगत से कोल हैंडलिंग प्लांट का संचालन मार्च माह से 400 ठेका श्रमिकों से करवाने की बजाया मात्र 165 श्रमिकों से करवाया जा रहा है। इनमें से अधिकांश ठेका श्रमिक तीन शिफ्टों में कार्य करने की बजाय 12-12 घंटे की दो शिफ्टों में कार्य कर रहे हैं, जो श्रम कानूनों का खुला उल्लंघन है।
निविदा शर्तों के अनुसार, ठेका श्रमिकों को वेतन पर्ची देना, श्रमिकों को नियुक्ति पत्र देना, नियमानुसार, साप्ताहिक अवकाश देने, राष्ट्रीय पर्व व त्यौहार पर अवकाश देना, अवकाश के दिन कार्य करने पर ओवरटाइम देना, वेतन से पीएफ राशि की कटौती करने, श्रमिक के पद व कार्य के अनुसार वेतन देने, जनवरी, 2024 से हुई वेतनवृद्धि का एरियर देना सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाना आदि का पालन नहीं किया जा रहा है। श्रमिकों से 8-8 घंटे तीन शिफ्टों के स्थान पर 12-12 घंटे की दो शिफ्टों में कार्य करवाना एग्रीमेंट की शर्तों का सरासर उल्लंघन है।
निर्धारित मापदंडों से ठेका श्रमिक कम
कोल हैंडलिंग प्लांट संचालन के लिये हुये करार के अनुसार उच्च कुशल ऑपरेटर 46 के स्थान पर 36 कुशल सुपरवाइजर 36 के स्थान पर 24, अर्द्ध कुशल हेल्पर 81 के स्थान पर शून्य, अकुशल मजदूर 225 के स्थान पर 105 की कार्य कर रहे हैं। इस तरह कुल 388 ठेका श्रमिकों की नियुक्ति के स्थान पर 165 श्रमिक ही कार्य कर रहे हैं। सीएचपी के वेगन ट्रिपलर पर पांच, क्रेशर साइट व बंकर साइट पर 6-6 सुपरवाइजर 12-12 घंटे की शिफ्ट में काम कर रहे हैं, जो नियमविरूद्ध हैं। इन तीनों लोकेशनों में वेगन ट्रिपलर पर 27, क्रेशर साइट पर 14 व बंकर साइट पर 21मजदूर 12-12 घंटे काम कर रहे हैं।
संघ ने बॉयलर के मुख्य उप निरीक्षक से मांग की कि कोटा थर्मल के फैक्टी मैनेजर एवं संवेदक कंपनी अल्का लॉजिस्टिक प्रा.लि के खिलाफ कारखाना अधिनियम की शर्तों का उल्लंघन करने पर उचित कार्रवाई की जाये एवं कोयले की धूल में कार्यरत ठेका श्रमिकों को कानूनी सुविधाओं के हित लाभ दिये जायें।











