-पुलिस आयुक्त ने सभी अधिकारियों की बैठक लेकर गश्त मजबूत करने, वेरिफिकेशन कराने और संदिग्धों पर कड़ी नजर रखने को कहा
झज्जर, 15 नवंबर (हि.स.)। पुलिस आयुक्त डॉ. राजश्री सिंह ने शनिवार को झज्जर पुलिस के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण बैठक लेकर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।
बैठक में पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में पुलिस की भूमिका और अधिक जिम्मेदार और संवेदनशील हो गई है। इसलिए सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि आमजन को सुरक्षा का भरोसा महसूस हो और अपराधियों में कानून का भय बना रहे। उन्होंने निर्देश दिया कि लोगों को अपने किराएदारों की अनिवार्य रूप से पुलिस वेरिफिकेशन करवाने के लिए जागरूक करें।
पुलिस आयुक्त राज्यश्री ने कहा कि कई बार बिना वेरिफिकेशन के किराएदार रखने से आपराधिक तत्व आवासीय क्षेत्रों में आसानी से छुप जाते हैं और सुरक्षा चुनौती बढ़ जाती है। इसलिए प्रत्येक थाना क्षेत्र में लोगों से लगातार संपर्क बनाए रखते हुए उन्हें इस प्रक्रिया के महत्व के बारे में बताया जाए। इसी के साथ उन्होंने अधिकारियों को प्रभावी ढंग से गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नियमित गश्त न केवल अपराधों पर अंकुश लगाती है बल्कि पुलिस की उपस्थिति से लोगों को सुरक्षित महसूस होता है। बहादुरगढ़ का दिल्ली से सटा हुआ होना सुरक्षा के लिहाज से अतिविशेष सतर्कता की मांग करता है। इसलिए दिल्ली सीमा से आने-जाने वाले वाहनों की विशेष जांच की जाए और संदिग्ध व्यक्तियों की गहन पूछताछ की जाए। उन्होंने ऑपरेशन ट्रैक डाउन के तहत आदतन अपराधियों और समाज में भय पैदा करने वाले व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग दूसरों के जीवन को खतरे में डालते हैं, इसलिए इन पर नजर रखते हुए तुरंत गिरफ्तारी की प्रक्रिया अपनाई जाए। नशे के कारोबार पर सख्ती के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि गांव के मौजूदा विश्वसनीय व्यक्तियों से निरंतर संपर्क रखा जाए, ताकि नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त में शामिल लोगों की जानकारी समय रहते मिल सके। ऐसी सूचनाओं के आधार पर तुरंत छापेमारी कार्रवाई की जाए।
आयुक्त डॉ. राजश्री ने पुलिस अधिकारियों को कहा कि उन व्यक्तियों पर विशेष निगरानी रखी जाए जिनकी आर्थिक स्थिति उनकी वैध आय के अनुरूप नहीं है। ऐसे व्यक्तियों पर विशेष नजर रखना आवश्यक है जिनके पास स्पष्ट कमाई का कोई साधन न होने के बावजूद वे ब्रांडेड कपड़े पहनते हैं, महंगे गैजेट रखते हैं और अपने शौक बड़े स्तर पर पूरे करते हैं। बिना वैध आय के ऐसा कर पाना अपराध से जुड़े होने का संकेत हो सकता है। ऐसे लोगों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखकर समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।
बैठक के अंत में पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह ने अधिकारियों को पारदर्शिता, संवेदनशीलता और सख्त कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि जिले में अपराध पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।
इस दौरान पुलिस कमिश्नर डॉक्टर राजश्री सिंह की मुख्य मौजूदगी में पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) जसलीन कौर, पुलिस उपायुक्त झज्जर लोगेश कुमार, पुलिस उपायुक्त बहादुरगढ़ मयंक मिश्रा, पुलिस उपायुक्त (क्राइम) अमित दहिया सहित सभी एसीपी, थाना प्रभारी और क्राइम यूनिट मौजूद रही।
झज्जर, 15 नवंबर (हि.स.)। पुलिस आयुक्त डॉ. राजश्री सिंह ने शनिवार को झज्जर पुलिस के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण बैठक लेकर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।
बैठक में पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में पुलिस की भूमिका और अधिक जिम्मेदार और संवेदनशील हो गई है। इसलिए सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि आमजन को सुरक्षा का भरोसा महसूस हो और अपराधियों में कानून का भय बना रहे। उन्होंने निर्देश दिया कि लोगों को अपने किराएदारों की अनिवार्य रूप से पुलिस वेरिफिकेशन करवाने के लिए जागरूक करें।
पुलिस आयुक्त राज्यश्री ने कहा कि कई बार बिना वेरिफिकेशन के किराएदार रखने से आपराधिक तत्व आवासीय क्षेत्रों में आसानी से छुप जाते हैं और सुरक्षा चुनौती बढ़ जाती है। इसलिए प्रत्येक थाना क्षेत्र में लोगों से लगातार संपर्क बनाए रखते हुए उन्हें इस प्रक्रिया के महत्व के बारे में बताया जाए। इसी के साथ उन्होंने अधिकारियों को प्रभावी ढंग से गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नियमित गश्त न केवल अपराधों पर अंकुश लगाती है बल्कि पुलिस की उपस्थिति से लोगों को सुरक्षित महसूस होता है। बहादुरगढ़ का दिल्ली से सटा हुआ होना सुरक्षा के लिहाज से अतिविशेष सतर्कता की मांग करता है। इसलिए दिल्ली सीमा से आने-जाने वाले वाहनों की विशेष जांच की जाए और संदिग्ध व्यक्तियों की गहन पूछताछ की जाए। उन्होंने ऑपरेशन ट्रैक डाउन के तहत आदतन अपराधियों और समाज में भय पैदा करने वाले व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग दूसरों के जीवन को खतरे में डालते हैं, इसलिए इन पर नजर रखते हुए तुरंत गिरफ्तारी की प्रक्रिया अपनाई जाए। नशे के कारोबार पर सख्ती के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि गांव के मौजूदा विश्वसनीय व्यक्तियों से निरंतर संपर्क रखा जाए, ताकि नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त में शामिल लोगों की जानकारी समय रहते मिल सके। ऐसी सूचनाओं के आधार पर तुरंत छापेमारी कार्रवाई की जाए।
आयुक्त डॉ. राजश्री ने पुलिस अधिकारियों को कहा कि उन व्यक्तियों पर विशेष निगरानी रखी जाए जिनकी आर्थिक स्थिति उनकी वैध आय के अनुरूप नहीं है। ऐसे व्यक्तियों पर विशेष नजर रखना आवश्यक है जिनके पास स्पष्ट कमाई का कोई साधन न होने के बावजूद वे ब्रांडेड कपड़े पहनते हैं, महंगे गैजेट रखते हैं और अपने शौक बड़े स्तर पर पूरे करते हैं। बिना वैध आय के ऐसा कर पाना अपराध से जुड़े होने का संकेत हो सकता है। ऐसे लोगों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखकर समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।
बैठक के अंत में पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह ने अधिकारियों को पारदर्शिता, संवेदनशीलता और सख्त कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि जिले में अपराध पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।
इस दौरान पुलिस कमिश्नर डॉक्टर राजश्री सिंह की मुख्य मौजूदगी में पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) जसलीन कौर, पुलिस उपायुक्त झज्जर लोगेश कुमार, पुलिस उपायुक्त बहादुरगढ़ मयंक मिश्रा, पुलिस उपायुक्त (क्राइम) अमित दहिया सहित सभी एसीपी, थाना प्रभारी और क्राइम यूनिट मौजूद रही।











