अजमेर। अजमेर जिले के केकड़ी निवासी जवाहर राम गुर्जर ने अपने 16 वर्षीय पुत्र दुर्गा शंकर गुर्जर के निधन के बाद अंगदान कर तीन लोगों को नई जिंदगी देने का प्रेरणादायी कार्य किया है।
राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सोमवार को जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय में मृतक के पिता को सांत्वना देते हुए कहा कि जवाहर राम गुर्जर का यह साहसिक निर्णय समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना या अन्य कारणों से होने वाली असामयिक मौतों में सुरक्षित अंगों का प्रत्यारोपण कर अन्य लोगों को जीवनदान दिया जा सकता है। उन्हाेंने जेएलएन अस्पताल की टीम की सराहना की, जिन्होंने कम समय में अंग निकाल कर ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से जयपुर एसएमएस अस्पताल भेजने का ऐतिहासिक कार्य किया।
मृतक के पिता जवाहर राम गुर्जर ने बताया कि उनके पुत्र को बीते मंगलवार को अचानक सिरदर्द हुआ था। उपचार के लिए पहले केकड़ी और फिर अजमेर लाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि बेटे की दोनों किड़नी और लीवर सुरक्षित निकाले गए, जिनसे तीन लोगों को जीवन मिल सकेगा।
चिकित्सालय के प्राचार्य डॉ. अनिल सामरिया ने कहा कि दुर्गा शंकर गुर्जर की ब्रेन डेथ हो चुकी थी। चिकित्सकीय टीम ने उनकी दोनों किड़नी और लीवर निकालकर एसएमएस अस्पताल, जयपुर भेजे, जहां तीन जरूरतमंद मरीजों को प्रत्यारोपण से जीवनदान मिलेगा। उन्होंने बताया कि मृतक का हृदय भी प्रत्यारोपण हेतु निकालने की योजना थी, लेकिन समय की अनुकूलता न होने से इसे संभव नहीं किया जा सका।
राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सोमवार को जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय में मृतक के पिता को सांत्वना देते हुए कहा कि जवाहर राम गुर्जर का यह साहसिक निर्णय समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना या अन्य कारणों से होने वाली असामयिक मौतों में सुरक्षित अंगों का प्रत्यारोपण कर अन्य लोगों को जीवनदान दिया जा सकता है। उन्हाेंने जेएलएन अस्पताल की टीम की सराहना की, जिन्होंने कम समय में अंग निकाल कर ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से जयपुर एसएमएस अस्पताल भेजने का ऐतिहासिक कार्य किया।
मृतक के पिता जवाहर राम गुर्जर ने बताया कि उनके पुत्र को बीते मंगलवार को अचानक सिरदर्द हुआ था। उपचार के लिए पहले केकड़ी और फिर अजमेर लाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि बेटे की दोनों किड़नी और लीवर सुरक्षित निकाले गए, जिनसे तीन लोगों को जीवन मिल सकेगा।
चिकित्सालय के प्राचार्य डॉ. अनिल सामरिया ने कहा कि दुर्गा शंकर गुर्जर की ब्रेन डेथ हो चुकी थी। चिकित्सकीय टीम ने उनकी दोनों किड़नी और लीवर निकालकर एसएमएस अस्पताल, जयपुर भेजे, जहां तीन जरूरतमंद मरीजों को प्रत्यारोपण से जीवनदान मिलेगा। उन्होंने बताया कि मृतक का हृदय भी प्रत्यारोपण हेतु निकालने की योजना थी, लेकिन समय की अनुकूलता न होने से इसे संभव नहीं किया जा सका।











