पकड़े गए अपराधियों के पास साइबर ठगी से संबंधित कई दस्तावेज, मोबाइल फोन, नकली नोट, पंपलेट, ऑफर लेटर इत्यादि कई समान को बरामद किया गया है। पूछताछ में इन सभी के द्वारा बताया गया कि ये लोग प्रधानमंत्री मुद्रा लोन दिलाने के नाम पर फेसबुक और इस्टाग्राम में अपना एड पोस्ट करते हैं और जो लोग इस प्रलोभन में आ जाते हैं, उनसे प्रोसेसिंग फी के नाम पर मोटी रकम की ठगी करते हैं। इसके अलावा ऑनलाइन खरीदारी करने वाले लोगों का डाटा प्राप्त कर ये लोग उन्हें लॉटरी जीतने का झांसा देते हुए उनके पते पर कुरियर के माध्यम से विनर लेटर और कूपन भेजते हैं, जिसमें हेल्पलाइन नंबर और कूपन में स्क्रैच करने पर बार कोड मिलता है तब कस्टमर हेल्पलाइन नं० पर संपर्क करते हैं, जो इनके पास लग जाता है और ईनाम की राशि/ वाहन के मुताबिक उनसे प्रोसेसिंग फीस और जीएसटी के नाम पर मोटी रकम ठग ली जाती है। पूछताछ में पकड़ाये 16 लोगों ने बताया गया है कि हमारा सरगना सुमित नाम का व्यक्ति है, जो पटना में निवास करता है. उसी के दिशा- निर्देश पर हमलोग सारा काम करते हैं। अपराधियों के पास से विभिन्न कंपनियों के मोबाइल फोन- 45 पीस, स्पेयर सिम कार्ड- 13 पीस, कूपन कार्ड- लगभग 1300 पीस, विनर लेटर- करीब 3000 पीस, विनर कार्ड और लेटर भरा लिफाफा, जिसमें भिन्न भिन्न पता अंकित है करीब 300 पीस, पोस्टल बारकोड-250 पीस, रबर स्टांप और मुहर पैड, नकली नोट- 100 रूपये का 50 पीस, 200 रूपये का 15, खाली लिफाफा - 300 पीस, कस्टमर डिटेल्स- करीब 500 पेज बरामद किया गया है।
राष्ट्रीय सागर संवाददाता










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