जमीन विवाद में मां की हत्या के आरोपित पुत्र को सुनाई आजीवन कारावास की सजा,60 हजार का आर्थिक दंड

जमीन विवाद में मां की हत्या के आरोपित पुत्र को सुनाई आजीवन कारावास की सजा,60 हजार का आर्थिक दंड
अररिया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवि कुमार की अदालत ने जमीन विवाद में मां की जलाकर हत्या कर दिए जाने के मामले में आरोपित पुत्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।वहीं दो अलग अलग धाराओं में 60 हजार रूपये का आर्थिक दंड भी लगाया।आर्थिक दंड की राशि जमा नहीं किए जाने की स्थिति में कोर्ट ने एक वर्ष को अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतने का आदेश भी अपने निर्णय में दिया।मामला जिले के बरदाहा थाना कांड संख्या 36/2024 दिनांक 13.5.2024, सत्रवाद संख्या 697/2024 से संबंधित है,जो बरदाहा थाना क्षेत्र के सतबेर वार्ड संख्या 7 की है।

मामले पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने शनिवार को सुनाए अपने फैसले में 50 वर्षीय शंकर मंडल पिता स्व.सहजन मंडल को यह सजा सुनाई।दोषी शंकर मंडल सतबेर वार्ड संख्या सात गरही टोला का रहने वाला है।मामले में शंकर मंडल के साथ उनकी पत्नी वीणा देवी भी आरोपी है,जिसको लेकर कोर्ट विचारण विचाराधीन है।कोर्ट ने भादवि की धारा 302 में आजीवन कारावास और 50 हजार रूपये के अर्थ दंड और धारा 201 में पांच वर्ष सश्रम कारावास और 10 हजार रूपये अर्थ दंड की सजा सुनाई।जुर्माने की राशि की अदायगी नहीं करने पर दोषी को एक साल अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतने का भी आदेश दिया गया है।

मामला बरदाहा थाना क्षेत्र के सतबेर वार्ड संख्या सात का है,जहां 13 मई 2024 को मसोमात फेकनी देवी का शव प्राथमिक विद्यालय सतबेर वार्ड संख्या सात स्थित प्राथमिक विद्यालय से सौ मीटर की दूरी पर मिला था।शव जले हुए अवस्था में मिला था और मृतका का पेट और गले पर जेल होने का गहरा जख्म का निशान था।मामले में पुलिस की ओर से वैज्ञानिक और तकनीकी अनुसंधान का सहारा लिया गया,जिसके आधार पर हत्याकांड में शंकर मंडल के खिलाफ साक्ष्य जमा करते हुए कोर्ट के समक्ष 30 अक्टूबर 2024 को आरोप पत्र और पूरक आरोप पत्र 8 अगस्त 2024 को दाखिल किया था।हत्या से पहले भी शंकर मंडल ने अपनी मां को जमीन विवाद में सर पर प्रहार कर बुरी तरह जख्मी कर दिया था।मामले में वह जेल भी गया था और घटना से एक माह पहले ही जेल से रिहा होकर आया था।जिसके बाद निर्मातापूर्वक जिंदा जलाकर हत्या करने जैसी घटना को अंजाम दिया।

अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक प्रभा कुमारी और अभियुक्त की ओर से अधिवक्ता छंगुरी मंडल और किशोर कुमार श्रीवास्तव ने कोर्ट के समक्ष अपनी अपनी दलीलें रखी,जिसे सुनने के बाद एडीजे चतुर्थ कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया।

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